जीवन क्षणभंगुर पर अंतहीन ! 

आज प्रात: भ्रमण पर पत्थरों के बीच यह पौधा दिखाई दिया । फ़ोटो लेने का मन कर गया । पतझड़ में पत्तियाँ लाल हो गई हैं । कुछ दिन बाद गिर जायेगी । फिर बर्फ़ में दब कर वसंत आने पर हरी पत्तियाँ आयेंगी ।

परिवर्तन और संघर्ष जिजीविषा ..जीवन क्षणभंगुर पर अंतहीन !

कुछ और छाया चित्र

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