अपने

अपने होते कौन है ? कहा जायेगा वह जो हमें अपनायें और जिन्हे हम अपनायें वह हैं अपने। अपनाना क्या है ? हम उन्हीं को अपनाते हैं जिनसे संबंध बन जाये और बने रहें । चाहे घर परिवार के सदस्य, मित्र, अकिंचन अहेतुक जीवन यात्रा में मिल कर साथ चलने फिर भले ही बिछड़ जानेContinue reading “अपने”

A matter of height

I read this poem by Dr Pradip Khandwala on Facebook. I have attempted a translation in Hindi. I am posting on Vrikshamandir with his permission. डाक्टर प्रदीप खांडवाला की यह मैंने कविता फेसबुक पर पढी और उसका हिंदी में अनुवाद करने का प्रयास किया है, उनकी अनुमति से वृक्षमंदिर पर । A matter of heightContinue reading “A matter of height”

Immigrants आप्रवासी

इंटरनेट की दुनिया अलग तो लगती है पर बहुत कुछ अपनी दुनिया जैसी ही है। आन लाइन बकवास, बतकुच्चन, बड़बोली, झूठ, फ़रेब, आदि तो हैं ही पर बहुत सा अच्छी चीजें भी है। दुनिया भर का ज्ञान भरा पड़ा है। बस कौशल चाहिये सही जगह पर पहुँचने का ।वैसे ही जैसे अपनी दुनिया में ।Continue reading “Immigrants आप्रवासी”

परिचय

कुछ शेर पहचान पर साभार रेख्ता से अपनी पहचान भीड़ में खो कर ख़ुद को कमरों में ढूँडते हैं लोग ~शीन साफ़ निज़ाम “इन्सान के इलावा दूसरे जानदारों में भी नाम रखने का रिवाज क्यों नहीं?” “दूसरे जानदारों को डर है कि नामों से पहचान में धोका हो जाता है।” “धोका हो जाता है?” “हाँ,Continue reading “परिचय”