होने को तो बहुत कुछ हो सकता था, हो रहा है और होता रहेगा।
श्री राम सेतु यह भी तो हो सकता था? और अब भी हो सकता है – प्रस्तुत हैं श्री रश्मि कांत नागर के विचार इससे सहमत होना या न होना आपका अधिकार है। बात पुरानी ज़रूर है, पर इतनी भी नहीं की इस पर चर्चा ना की जाए। विषय है, भारत के पूर्वी और पश्चिमी…
