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An Architect’s Verses
An architect designs buildings and cities. But this one also writes poems about them. This blog shares three poems—straightforward and honest. They mix the sharp edges of city life with the gentle flow of memories. The poems “Whiplash”, “सूनी राहें” and “आओ तो जरा” bring together busy streets, quiet paths, and everyday feelings. I am…
ट्विटर, फ़ेसबुक और व्हाट्सएप विश्वविद्यालय से साभार
ठीक ही कहा है आजकल बुढ़ापा झेल रहे मानव को फ़ेसबुक और व्हाट्सएप भी बड़ा सहारा देते हैं । कुछ समय ट्विटर पर भी निकला जा सकता है। टीवी पर समाचार देखना बहुत कम हो गया क्योंकि समाचार नहीं एंकरों के सदविचार और दुर्विचार ही देखने को मिलते हैं । परिवार और मित्र कोई यहाँ…
चैट जीपीटी की पहुँच
कुछ महीने हुये कुंवर नारायण जी की कविता पर मैंने एक ब्लाग वृक्षमंदिर पर लिखा था।कालांतर में उसे परिवर्तित और परिमार्जित भी करता रहा। अद्यतन प्रालेख पढ़ने के लिये नीचे दिये इस लिंक पर उँगली दबा कर पहुँचा जा सकता है। पर आज मुझे ख़ुराफ़ात सूझी। मैंने चैट जीपीटी का सब्सक्रिप्शन ले रखा है। मैंने…
चिड़िया
डाक्टर पी के श्रीवास्तव संप्रति बंगलूरू निवासी एनडीडीबी के भूतपूर्व कर्तव्यपालक डाक्टर प्रेम कुमार श्रीवास्तव, “पीके” की पहचान केवल एक तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारी की नहीं है; वह “डेयरी व्यवसाय गुरु” के रूप में भी जाने जाते हैं जो एक कुशल कंसलटेंट के रूप में अपने ज्ञान का प्रकाश फैला रहे हैं। उम्र के इस…
अनुभूति – 5
पिछले दो पोस्ट बिल्कुल व्यक्तिगत अनुभूतियां हैं जो मुझे अंदर से झकझोरती रही है, उसी परिभाषा के शोध की यह अगली कड़ी है। मै हरिद्वार के जिस धर्मशाला में हूं, उसमे करीब तीन सौ आदमियों के रहने की व्यवस्था है। पिछले साल का 20 मार्च का दिन। हमारे साथ करीब दो सौ यात्री। और लाक…
