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चिड़िया
डाक्टर पी के श्रीवास्तव संप्रति बंगलूरू निवासी एनडीडीबी के भूतपूर्व कर्तव्यपालक डाक्टर प्रेम कुमार श्रीवास्तव, “पीके” की पहचान केवल एक तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारी की नहीं है; वह “डेयरी व्यवसाय गुरु” के रूप में भी जाने जाते हैं जो एक कुशल कंसलटेंट के रूप में अपने ज्ञान का प्रकाश फैला रहे हैं। उम्र के इस…
Protected: चतुर बंदुआरी के पिपरेतर के बाबू लोग
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I’m Fine मैं ठीक हूँ
इस ब्लाग को लिखने की प्रेरणा मुझे मेरे मित्र और एनडीडीबी के भूतपूर्व कर्तव्यपालक श्री पीटी जेकब (प्रकाश) की एक फ़ेसबुक पोस्ट से मिली । पीटी की पोस्ट की स्क्रीन शाट ऊपर लगी है। यह अंग्रेज़ी कविता दिल को छू गई । पढ़ कर मुझे लगा की सच और झूठ के बीच जीने के द्वंद्व…
अनुभूति – 5
पिछले दो पोस्ट बिल्कुल व्यक्तिगत अनुभूतियां हैं जो मुझे अंदर से झकझोरती रही है, उसी परिभाषा के शोध की यह अगली कड़ी है। मै हरिद्वार के जिस धर्मशाला में हूं, उसमे करीब तीन सौ आदमियों के रहने की व्यवस्था है। पिछले साल का 20 मार्च का दिन। हमारे साथ करीब दो सौ यात्री। और लाक…
जीवन क्षणभंगुर पर अंतहीन !
आज प्रात: भ्रमण पर पत्थरों के बीच यह पौधा दिखाई दिया । फ़ोटो लेने का मन कर गया । पतझड़ में पत्तियाँ लाल हो गई हैं । कुछ दिन बाद गिर जायेगी । फिर बर्फ़ में दब कर वसंत आने पर हरी पत्तियाँ आयेंगी । परिवर्तन और संघर्ष जिजीविषा ..जीवन क्षणभंगुर पर अंतहीन ! कुछ…
गुरु जी कहिन
चेला – गुरू जी बहुतै चिंता हुइ रई है, तबियत भी ठीक नाईं चल रई, कमाई का कोई साधन नही, बैंक में रखे कुछ पैसों के व्याज से घर चल रिया है।सोच सोच कर दम घुटता है। चिंता खाए जा रई है। गुरू- बेटा, चिंता को भुलवाने की कोचिस तो कर के देखो…
