Story

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    एक सत्य कथा

    मैंने “महादेव दा का राजनैतिक वध” अपने मित्र श्री मनीष भारतीय के फेसबुक पेज पर पढ़ा था। ऐसी घटनाएं सच जैसी लगती हैं, लेकिन जब तक खुद अनुभव न करें, तो कभी कभी अविश्वसनीय सी भी लगती हैं। मन में सवाल उठता है “क्या सच में ऐसा होता है?” धन्यवाद मनीष का, जिन्हें यह कहानी…

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    ग़ज़ल

    डाक्टर पी के श्रीवास्तव  संप्रति बंगलूरू निवासी एनडीडीबी के भूतपूर्व कर्तव्यपालक डाक्टर प्रेम कुमार श्रीवास्तव, “पीके” की पहचान केवल एक तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारी की नहीं है; वह “डेयरी व्यवसाय गुरु” के रूप में भी जाने जाते हैं जो एक कुशल कंसलटेंट के रूप में अपने ज्ञान का प्रकाश फैला रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव…

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    मानू अमरोहवी और बंदुआरी के बाबू साहब की हालिया खत-ओ-किताबत

    4 March 2025 जनाब अरविंद उर्फ़ मानू अमरोहवी,  मन मे एक बात उठी , बहुत देर से उमड़ घुमड़ रही है । वैसे ही  जैसे पेट में घुड़ घुड़ होती है हवा निकलने के पहले की तरह,  बिलकुल उसी तरह।  बात यह है  कि मन कह रहा है नीचे लिखे को वृक्षमंदिर पर छेंप दूँ…

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    मुंशी साहब

    डाक्टर प्रेम कुमार श्रीवास्तव डॉक्टर प्रेम कुमार श्रीवास्तव, जिन्हें “पीके” के नाम से जाना जाता है, एनडीडीबी के भूतपूर्व कर्तव्यपालक हैं। बैंगलोर में निवास कर रहे हैं। उनकी पहचान केवल एक तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारी की नहीं है;वह “डेयरी व्यवसाय गुरु” के रूप में भी जाने जाते हैं। वह एक कुशल कंसलटेंट के रूप में…

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    एक याद; मैं भोला

    यह अनायास उभरने वाली यादों में से एक है। जिसकी सारी ज़िंदगी जब संगत दूध वालों कि रही हो, जीवन का बड़ा भाग आनन्द में गुज़ारा हो, दूध अमूल का पिया हो, डॉ कुरियन के साथ काम करने का सौभाग्य मिला हो, तो एक शब्द ज़हन में अवश्य आता है। वह शब्द है, “मंथन”।  मंथन…

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    आपबीती और अर्थशास्त्र।

    Rashmi Kant Nagar अर्थशास्त्र भी कोई पढ़ता है यार? यानी कोई अपनी मर्ज़ी से इस विषय का चुनाव करे? मेरी समझ में बिरले ही ऐसा करते हैं। ज़्यादातर तो मेरे जैसे होते हैं, जिन पर अकारण या यूँ कहिये, परिस्थितियाँ ऐसे नीरस विषय को थोप देती हैं। सच कह रहा हूँ, मेरे साथ कुछ ऐसा…

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    दिव्य कृपा

      यह कहानी जिसे मैं अपनी मां से बचपन मे सुना करता था आज भी याद है!   मैंने ये कहानी उनसे पहली बार उस समय सुनी थी, जब मैं कोई पाँच साल का था। उसके बाद ये सिलसिला कोई चार-पाँच वर्ष और चला होगा। पर इस कहानी के बारे में विशेषता ये है, की मैंने ये कहानी हर…

  • The Spoiler

    But this ritual broke when I came to Anand simply because eggs were not available in the market. I mean they were available but in very limited quantity. The sole seller had perhaps a dozen hens and he got another 50 or so eggs from Baroda- in an earthen matka. His entire stock used to get sold out by 9-10 am. When I asked him why he doesn’t get more eggs from Baroda, his cryptic reply was, ‘that is total demand of Anand. If you want eggs, tell me a day before with advance payment’. 

  • कथा-वार्ता:  ईश्वर पैसें दरिद्दर निकलें

    “कथा-वार्ता:  ईश्वर पैसें दरिद्दर निकलें कल ‘दीया दीवारी‘ थी। आज बुद्धू बो की पारी है! प्रात:काल ही उठ गया। दरिद्दर खेदा जा रहा था।माँ सूप पीटते हुए घर के कोने कोने से हँकाल रही थीं। आवाज करते हुए प्रार्थना कर रही थीं। यह प्रार्थना दुहराई जारही थी। –ईश्वर पैसें दरिद्दर निकलें– ईश्वर का वास हो,दरिद्र नारायण बाहर निकल…

  • फ्यूज बल्ब – एक कहानी

    – डाक्टर भीमशंकर मनुबंश शहर मे एक पार्क हुआ करता था ।इस पार्क मे सुबह – शाम और महीने के तीसो दिन बुजुर्ग लोगों की महफिल जमा करती थी । ये बुजुर्ग लोग अलग – अलग पृष्ठभूमि से थे l कोई साधारण परिवार से तो कोई सम्पन्न परिवार से। लेकिन उम्र के इस पडाव मे…