कहाँ गये वह दिन !
एक दिन पार्क के उस छोर पर जहां मैं अक्सर घूमने जाता हूँ, पत्थरों पर लिखे यह प्रेरणादायी शब्द दिखे। साधारणत: यह पार्क सूना ही रहता है । यहाँ से दूर कुछ लोग अकेले अथवा बच्चों या कुत्ते के साथ दीखते हैं पर इस छोर पर शायद ही कभी कोई मिला हो। एकांत में यहाँ…
