अन्न की संस्कृति
डाक्टर मुकुंद नवरे सामाजिक एवं पारिवारिक व्यवस्था मे अन्न की “संस्कृति” होती है और अन्न से संस्कृति का निर्माण भी होता है। अक्सर कहा जाता है कि जैसा हम खाते है हमारी सोच भी वैसी ही बनती जाती है। इसके बहुत से प्रमाण हैं । पिछले पचास वर्षों मे देखे कुछ उदाहरण…
