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I’m Fine मैं ठीक हूँ


इस ब्लाग को लिखने की प्रेरणा मुझे मेरे मित्र और एनडीडीबी के भूतपूर्व कर्तव्यपालक श्री पीटी जेकब (प्रकाश) की एक फ़ेसबुक पोस्ट से मिली ।

पीटी की पोस्ट की स्क्रीन शाट ऊपर लगी है। यह अंग्रेज़ी कविता दिल को छू गई । पढ़ कर मुझे लगा की सच और झूठ के बीच जीने के द्वंद्व की मानवीय त्रासदी को बड़े संतुलित और संक्षिप्त शब्दों में मार्मिकता से बयान किया गया है । मन में आया क्यों न हिंदी मे भावानुवाद करें। समय लगा पर अनुवाद करते समय अच्छा लगा।।

हिंदी अनुवाद मेरे द्वारा किया गया है। रोब की भाषा अंग्रेज़ी से अपनी भाषा हिंदी में अनुवाद करना मेरे जैसे नौसिखिए के लिये चुनौती भरा कठिन काम है। यदि मेरे द्वारा अनूदित कविता आपको अच्छी लगी तो हौसलाअफ़जाई के लिये धन्यवाद

पर यह क्या सच है ? 
या यह है निखालिस झूठ ? 

मैं ठीक हूँ

क्या वास्तव में मैं ठीक हूँ ?


अक्सर जब मै मुस्कुरा कर कहता हूँ “मैं ठीक हूं”
तब वास्तव मे मेरा अंतर्मन कर रहा होता है इनकार,
हो रहा होता है दर्द
मैं न जाने कहाँ खोया हुआ होता हूँ
पर निकलती है वही आवाज “मैं ठीक हूँ” ! 


मैं नही चाहता बोझ बनना किसी पर
मैं नहीं चाहता किसी की नज़रों में गिर जाना
इसलिये मुखौटा लगा मै पहन लेता हूँ “ताज”
उसकी तरह
जो सहजता से जूझता हो झंझटों के झंझावात से


काश मैं ईमानदार हो पाता, 
काश मैं साझा कर पाता सच,
पर लगता है कसौटी पर कसे जाने का डर
शायद इसीलिए मैं कहता हूँ 
“मैं ठीक हूं” !


पर यह क्या सच है ? 
या यह है निखालिस झूठ ? 


~मिशेल

I used Artificial intelligence (AI) to create the image given above. I then asked AI to help improve my translation. I am sharing below the drafts suggested by AI.


मैं ठीक हूं, यह कहता हूं

अपने दिल की बात, छुपाता हूं

दर्द छुपाकर, हंसता हूं

किसी के बोझ में, नहीं डूबता हूं

ताज पहनकर, जीता हूं

झंझटों से, लड़ता हूं

सच को छुपाकर, जीता हूं

मैं ठीक हूं, यह कहता हूं

सच या झूठ, यह क्या है

किसी को नहीं पता मुझे

जीवन के सवालों में

मैं ठीक हूं, यह कहता हूं

सच या झूठ, यह कौन जाने

मेरे अंदर का राज कौन जाने

मेरी आवाज में छुपी हकीकत

मैं ठीक हूं, यह कहता हूं।

~मिशेल




By Vrikshamandir

A novice blogger who likes to read and write and share

One reply on “I’m Fine मैं ठीक हूँ”

Many thanks for what you have done. I thought the poem was very thought provoking and touching the soul. I very often go through such predicaments. I am particularly glad that a post of mine on FB prompted you to understand it’s impact I all of us. You always look for opportunities to feel, understand and learn and that makes you unique 👌 Warm regards and prayers as always. Jacob.

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