वृक्षमंदिर हिंदी में: कथा, कविता, वार्ता और संवाद
यह आभासी वृक्षमंदिर का हिंदी घर है। यहाँ संस्मरण हैं, कविताएँ हैं, बातचीत और विमर्श हैं — कुछ अपने लिखे, कुछ उन “अपनों” के लिखे जो जीवन की राहों पर में मिले फिर जुड़ गए !
यह आभासी वृक्षमंदिर का हिंदी घर है। यहाँ संस्मरण हैं, कविताएँ हैं, बातचीत और विमर्श हैं — कुछ अपने लिखे, कुछ उन “अपनों” के लिखे जो जीवन की राहों पर में मिले फिर जुड़ गए !
I was watching a YouTube short the other day. Avadh Ojha talking about a liquor bottle caught in school and how his father handled it. Reminded me of an incident in the early 1980s. Babuji was visiting Anand and I was staying in the C-10 flat of NDDB. Anand* for us in those days revolved…
Dr. K.V. Raju, from the second batch of IRMA, who also taught at IRMA and later became the first Director of the Development Management Institute, Patna, shared a video on WhatsApp a few days ago. He is a dear friend of mine. I hadn’t opened it until today. Please click on this link to watch…
नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के पूर्व कर्मचारियों ने अपना पहला स्नेह मिलन 2015 में आयोजित किया था, दूसरा 2020 में और तीसरा 2023 में। मैं तीनों में शामिल हुआ था। अब वे फिर मिलने वाले हैं—चौथा स्नेह मिलन 7-8 फरवरी 2025 को होने वाला है। कुछ दिन पहले जब मैंने एक पुराने दोस्त से…
An architect designs buildings and cities. But this one also writes poems about them. This blog shares three poems—straightforward and honest. They mix the sharp edges of city life with the gentle flow of memories. The poems “Whiplash”, “सूनी राहें” and “आओ तो जरा” bring together busy streets, quiet paths, and everyday feelings. I am…
चेला – गुरू जी बहुतै चिंता हुइ रई है, तबियत भी ठीक नाईं चल रई, कमाई का कोई साधन नही, बैंक में रखे कुछ पैसों के व्याज से घर चल रिया है।सोच सोच कर दम घुटता है। चिंता खाए जा रई है। गुरू- बेटा, चिंता को भुलवाने की कोचिस तो कर के देखो…
गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर परिसर में हर वर्ष नागपंचमी के शुभ अवसर पर कुश्ती का आयोजन परंपरागत रूप से किया जाता है। समय के साथ, मिट्टी के अखाड़े की जगह अब गद्दे ने ले ली है, और पहलवानों को अखाड़े पर घुमा-घुमाकर जोड़ मिलाकर कुश्ती दंगल की जगह प्रतियोगिता का आयोजन किया जाने लगा है।…
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4 March 2025 जनाब अरविंद उर्फ़ मानू अमरोहवी, मन मे एक बात उठी , बहुत देर से उमड़ घुमड़ रही है । वैसे ही जैसे पेट में घुड़ घुड़ होती है हवा निकलने के पहले की तरह, बिलकुल उसी तरह। बात यह है कि मन कह रहा है नीचे लिखे को वृक्षमंदिर पर छेंप दूँ…
डाक्टर पी के श्रीवास्तव संप्रति बंगलूरू निवासी एनडीडीबी के भूतपूर्व कर्तव्यपालक डाक्टर प्रेम कुमार श्रीवास्तव, “पीके” की पहचान केवल एक तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारी की नहीं है; वह “डेयरी व्यवसाय गुरु” के रूप में भी जाने जाते हैं जो एक कुशल कंसलटेंट के रूप में अपने ज्ञान का प्रकाश फैला रहे हैं। उम्र के इस…
डाक्टर प्रेम कुमार श्रीवास्तव डॉक्टर प्रेम कुमार श्रीवास्तव, जिन्हें “पीके” के नाम से जाना जाता है, एनडीडीबी के भूतपूर्व कर्तव्यपालक हैं। बैंगलोर में निवास कर रहे हैं। उनकी पहचान केवल एक तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारी की नहीं है;वह “डेयरी व्यवसाय गुरु” के रूप में भी जाने जाते हैं। वह एक कुशल कंसलटेंट के रूप में…