गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर परिसर में हर वर्ष नागपंचमी के शुभ अवसर पर कुश्ती का आयोजन परंपरागत रूप से किया जाता है। समय के साथ, मिट्टी के अखाड़े की जगह अब गद्दे ने ले ली है, और पहलवानों को अखाड़े पर घुमा-घुमाकर जोड़ मिलाकर कुश्ती दंगल की जगह प्रतियोगिता का आयोजन किया जाने लगा है।
पिछले तीन वर्षों से, उत्तर प्रदेश खेल निदेशालय के सहयोग से उत्तर प्रदेश केशरी, उत्तर प्रदेश कुमार और उत्तर प्रदेश वीर अभिमन्यु के लिए पूरे राज्य से पहलवानों को आमंत्रित किया जा रहा है। इस प्रयास के फलस्वरूप, पिछले वर्ष 2024 में तीन टाइटल बाउट के लिए 300 पहलवानों ने अपनी ताकत का परिचय दिया। उत्तर प्रदेश की 30-35 निर्णायक मंडलों की टीम ने इस प्रतियोगिता को विवाद रहित और बिना किसी भेदभाव के सफलतापूर्वक संपन्न कराया। आयोजक मंडल ने इस सफलता में योगदान देने वाले सभी निर्णायकों का धन्यवाद ज्ञापित किया है।

पिछले वर्षों में पुरस्कार राशि भी काफी आकर्षक रही है। उत्तर प्रदेश केशरी के विजेता को गदा के साथ ₹100,000 और उपविजेता को ₹51,000, जबकि उत्तर प्रदेश कुमार के विजेता को भी गदा के साथ ₹100,000 और उपविजेता को ₹51,000 प्रदान किया गया। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश वीर अभिमन्यु के विजेता को गदा के साथ ₹51,000 और उपविजेता को ₹21,000 से पुरस्कृत किया गया। यह पुरस्कार वितरण स्वयं श्री गोरक्षपीठाधीश्वर एवं माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, परम पूज्य महाराज योगी आदित्यनाथ जी द्वारा किया जाता है, जो पहलवानों और कुश्ती प्रेमियों को अपने आशीर्वाद से अभिसिंचित करते हैं।
यह कुश्ती प्रतियोगिता केवल एक खेल नहीं है, बल्कि नागपंचमी के अवसर पर शिवावतार योगी गुरु गोरक्षनाथ और उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने वाले यशस्वी मुख्यमंत्री का आशीर्वाद प्राप्त करने का एक सुनहरा अवसर है।



इस वर्ष, आयोजक मंडल ने यह प्रयास किया कि प्रत्येक टाइटल में तीसरा स्थान पाने वाले पहलवानों को भी पुरस्कार दिया जाए। उत्तर प्रदेश केशरी और उत्तर प्रदेश कुमार के पहलवानों को ₹21,000 और उत्तर प्रदेश वीर अभिमन्यु में तृतीय स्थान पाने वाले पहलवानों को ₹11,000 का पुरस्कार प्रदान किया गया।
नाग पंचमी के अवसर पर परंपरागत रूप से आयोजित दंगल के आयोजन का श्रेय श्री दिनेश सिंह, जिला कुश्ती संघ, गोरखपुर और उनकी टीम को जाता है जिन्होंने पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी भव्य दंगल का आयोजन किया ।
श्री दिनेश सिंह ने अपने गाँव चतुर बंदुआरी में “ज्ञान सिंह व्यायामशाला” का भी संचालन करते हैं ।इस अखाड़े के बारे में उनका 2020 में लिखा गया लेख वृ़क्षमंदिर पर इस लिंक पर उपलब्ध है ।
https://vrikshamandir.com/2020/01/09/अखाडा-से-ज्ञान-सिंह-व्याय/
