आदमी और मौसम
आदमी और मौसम
दोनों जन्म लेते हैं, बढ़ते है
समय के साथ ढलते बदलते हैं
बचपन, लड़कपन, जवानी, अधेडपन फिर बुढ़ापा
सर्दी, गर्मी, बरसात, पतझड़, फिर वसंत
अवस्थायें ही तो है निरंतर बदलते आदमी और मौसम की
दोनो एक जैसे
मर कर फिर जन्म लेते हैं





आदमी और मौसम
दोनों जन्म लेते हैं, बढ़ते है
समय के साथ ढलते बदलते हैं
बचपन, लड़कपन, जवानी, अधेडपन फिर बुढ़ापा
सर्दी, गर्मी, बरसात, पतझड़, फिर वसंत
अवस्थायें ही तो है निरंतर बदलते आदमी और मौसम की
दोनो एक जैसे
मर कर फिर जन्म लेते हैं




Dr. MPG Kurup writes with substantial inputs from his classmate Prof.Dr. M Krishnan Nair, Dean , Faculty of Veterinary and Animal Sciences about Prof. Dr.M.N. Menon, Former Animal Husbandry Commissioner & Jt.Secretary , Government of India , New Delhi Dr. MN Menon was one of the most outstanding Veterinary Professionals in India : the crowning…
आप में से बहुतों ने शायद यह कथा पहले भी सुनी या पढ़ी हो । मैंने इस कथा को एक नए संदर्भ में प्रस्तुत करने का दुस्साहस किया है। अगर पसंद आये, तो आगे बढ़ाइयेगा अन्यथा आप ने तो पढ़ ही ली है! क्योंकि कथा युगों पुरानी है, स्वाभाविक है कि इसका प्रारम्भ वैकुंठ से…
A picture shot Tuesday shows the U.S. Maid of the Mist which is running at 50 per cent capacity across from the Canadian Hornblower with just six pass… — Read on http://www.thestar.com/news/canada/2020/07/22/niagara-falls-cruise-photo-illustrates-stark-difference-in-covid-19-response-between-us-and-canada.html
किसकी चली है जो मेरी चलेगी ! आज अनायास ही एक बृद्ध महिला मिल गई। पहले न कभी देखा, मिलने की बात तो बहुत दूर। बस गुजर रहा था, और सामने खड़ी दिख गई। बिलकुल सफेद बाल। एक भी दांत नही। पोपला चेहरा। बस देखते ही बोलने लगीं.. मै हरिद्वार मे जहाँ रहता हूं, उसके…
ऐसे अनेक, न समझ मे आने वाले दृष्य हर रोज दिखते है, अनुभव करने को मिलते है । अन्दर से कुरेद जाते है। प्रश्न उठाते है। क्या यह ज़िन्दगी से भागे हुए लोग है ? अथवा ज़िन्दगी को समझ पाए लोग ? सुख को समझ गये लोग है दुख को लात मार कर भगा देने…
मेरे जैसै अनेक लोग जो डा कुरियन के सान्निध्य मे आए, मेरी समझ के अनुसार, उनका संबन्ध “विक्रमादित्त्य” और “बैताल” की तरह का है। हर बार उस बैताल के चरित्र के एक पहलू को किसी एक पीपल के पेड़ पर टांग कर आते हैं । वही बैताल एक बिल्कुल नये चरित्र में हमारे कन्धे पर…
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