Categories
Dairy Development Reminiscences

डाक्टर मुकुंद नवरे के मूल मराठी लेख का हिंदी अनुवाद “आजकल की बातें”

भैंस कि गाय कि भैंस ? यह घटना इसी वर्ष के सितंबर महीने की है। घर में एक युवक मेहमान दो दिनों के लिए आया था। उसका नाम अजय है। वह कई वर्षों बाद हमारे यहां आया था, विषयों पर गपशप चल रही थी और फिर चूँकि मै डेयरीवाला हूँ , उसने आखिरकार मुझसे दूध […]

Categories
वृक्षमंदिर हिंदी मे व्यंग Culture, Tradition, Human Development and Religion

गाय, गोबर और “गोल्ड”

रश्मि कांत नागर गाय, गोबर और “गोल्ड” एक जून को शैलेंद्र ने एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में एक वैज्ञानिक डॉ सत्य प्रकाश वर्मा गाय/ भैंस के गोबर से प्राप्त उन दो उत्पादों के बारे में (२४-२८ मई के दौरान राजकोट हुए किसी मेले में) जानकारी दे रहे है, जिसमे एक किलो गोबर से […]

Categories
Satire Uncategorized

विकसवा है कहां ? यहां है पर है भी नहीं !

मानव सभ्यता के कुछ बुद्धिजीवी विशेषज्ञों का मानना है कि ”विकास” का पृथ्वी पर अवतरण सर्वप्रथम जंबूद्वीप के भारत खंड मे हुआ था। चूँकि बुद्विजीवी विशेषज्ञों का एक मत होना लगभग असंभव सा है, स्वाभाविक है कि बहुत से बुद्विजीवी विशेषज्ञ ऐसा नहीं मानते। उनके अनुसार, विकास सबसे पहले अफ़्रीकी-भू भाग में अवतरित हुआ और […]

Categories
Uncategorized

भारतीयता की तलाश और कुबेरनाथ राय ‹ मेरा गाँव मेरा देश ‹ Reader — WordPress.com

अंग्रेज़ी की रंगरेज़ी में कहें तो लगता है कि “आइडिया आफ इंडिया” पर बहसबजी और गंभीर तर्क, कुतर्क करने वाले आधुनिक मनीषियों ने कुबेर नाथ राय को शायद पढ़ा नहीं है। यदि पढ़ा भी है तो उनकी दृष्टि से इस समय के सबसे ज्वलंत आइडेनटिटी या पहचान परक राजनीति के युग में कुबेर नाथ राय […]