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वृक्षमंदिर हिंदी मे Story

मानू अमरोहवी और बंदुआरी के बाबू साहब की हालिया खत-ओ-किताबत

4 March 2025 जनाब अरविंद उर्फ़ मानू अमरोहवी,  मन मे एक बात उठी , बहुत देर से उमड़ घुमड़ रही है । वैसे ही  जैसे पेट में घुड़ घुड़ होती है हवा निकलने के पहले की तरह,  बिलकुल उसी तरह।  बात यह है  कि मन कह रहा है नीचे लिखे को वृक्षमंदिर पर छेंप दूँ […]

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वृक्षमंदिर हिंदी मे Story

मुंशी साहब

डाक्टर प्रेम कुमार श्रीवास्तव डॉक्टर प्रेम कुमार श्रीवास्तव, जिन्हें “पीके” के नाम से जाना जाता है, एनडीडीबी के भूतपूर्व कर्तव्यपालक हैं। बैंगलोर में निवास कर रहे हैं। उनकी पहचान केवल एक तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारी की नहीं है;वह “डेयरी व्यवसाय गुरु” के रूप में भी जाने जाते हैं। वह एक कुशल कंसलटेंट के रूप में […]

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Satire

पौष्टिक भोजन लें, कसरत करे, अच्छी नींद लें पर हँसना भी बहुत ज़रूरी है !

साधारणतः मैं ऐसी मनोरंजन सामग्री कुछ ख़ास मित्रों से ही शेयर करता हूँ । पर आज कुछ मूड ऐसा बना कि मैंने अपने आप से कहा क्यों न सबसे साझा करूँ? हर्ज क्या है। लीजिये हाजिर है आज का संकलन ! नेता जी थे, नेता हैं और नेता बने रहेंगे। ज़रूरत पर उनकी कंघी भी […]

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Culture, Tradition, Human Development and Religion

बाबू चाचा

आजकल बिरयानी का प्रचलन बढ़ गया है। शहरों में बिरयानियाँ कई प्रकार की मिलने लगीं हैं। जितना बड़ा शहर उतनी प्रकार की बिरयानियाँ ; जैसे वेज बिरयानी, मशरूम बिरयानी, नॉन-वेज बिरयानी, चिकन बिरयानी, मटन बिरयानी, मिक्स बिरयानी, झींगा बिरयानी, अन्डा बिरयानी, हांडी बिरयानी, किलो बिरयानी, बिना प्याज-लहसुन की बिरयानी, मुग़लई बिरयानी, फलाने दुकान की बिरयानी, […] पूरा पढ़ने के लिये नीचे 👇👇दिये गये लिंक पर क्लिक करें https://vrikshamandir.com/2024/09/07/बाबू-चाचा/

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वृक्षमंदिर हिंदी मे Culture, Tradition, Human Development and Religion

पंडित जी ने कहा क ख ग घ ङ के बाद च  छ  ज  झ  ञ लिखो

च से चना, च से चम्मच चना हमारे खेत में बुढवा बाबा के जमाने में बोया जाता था। वैसे तो उनके जमाने मे गंजी ( शकरकंदी), मकई और अन्य बहुत तरह की फसलें बोई जाती थीं। गेहूं, धान, सरसों, मटर, तिल, तीसी, आदि के अलावा कोदो, मडुवा आदि की फसल भी होती थी । बुढवा […]

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व्यंग समसामयिक

पढ़ा लिखा और अनपढ़

“अनपढ़” बहुत घमंडी है। “पढ़े लिखे” को केवल एक ही बात का घमंड है । वह है “अनपढ़” से ज़्यादा बुद्धिमान होने का। “पढ़ा लिखा अनपढ़” और “अनपढ़ पढ़ा लिखा” कनफुजिआस्टिक स्टेट में विचरण कर रहा है मस्त है !

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वृक्षमंदिर हिंदी मे व्यंग Culture, Tradition, Human Development and Religion

गाय, गोबर और “गोल्ड”

रश्मि कांत नागर गाय, गोबर और “गोल्ड” एक जून को शैलेंद्र ने एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में एक वैज्ञानिक डॉ सत्य प्रकाश वर्मा गाय/ भैंस के गोबर से प्राप्त उन दो उत्पादों के बारे में (२४-२८ मई के दौरान राजकोट हुए किसी मेले में) जानकारी दे रहे है, जिसमे एक किलो गोबर से […]

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वृक्षमंदिर हिंदी मे Reminiscences Satire

क ख ग घ

क से कबूतर, क से कमल, क से किताब बात उस जमाने की है जब मुझे केवल बोलना आता था । पढ़ना लिखना नहीं। ज़ाहिर है उम्र तब बहुत कम थी । अब यह सब बताने की क्या ज़रूरत ? जीवन के संध्याकाल में जब अक्सर यादें भी याद आ कर भूलने लगती हों तब […]

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Satire

Why did the chicken cross the road?

I follow Rakesh Krishnan Simha (@ByRakeshSimha) on Twitter. I find his tweets informative, incisive and humorous. Rakesh Krishnan Simha (@ByRakeshSimha) posted a long satirical thread of seventeen tweets to highlight the “alleged” and “imagined” “thinking” of some contemporary leaders, thought leaders and influencers. I have attempted to translate his tweets into Hindi. I have also […]

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Satire Uncategorized

विकसवा है कहां ? यहां है पर है भी नहीं !

मानव सभ्यता के कुछ बुद्धिजीवी विशेषज्ञों का मानना है कि ”विकास” का पृथ्वी पर अवतरण सर्वप्रथम जंबूद्वीप के भारत खंड मे हुआ था। चूँकि बुद्विजीवी विशेषज्ञों का एक मत होना लगभग असंभव सा है, स्वाभाविक है कि बहुत से बुद्विजीवी विशेषज्ञ ऐसा नहीं मानते। उनके अनुसार, विकास सबसे पहले अफ़्रीकी-भू भाग में अवतरित हुआ और […]

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वृक्षमंदिर हिंदी मे

ट्विटर, फ़ेसबुक और व्हाट्सएप विश्वविद्यालय से साभार

ठीक ही कहा है आजकल बुढ़ापा झेल रहे मानव को फ़ेसबुक और व्हाट्सएप भी बड़ा सहारा देते हैं । कुछ समय ट्विटर पर भी निकला जा सकता है। टीवी पर समाचार देखना बहुत कम हो गया क्योंकि समाचार नहीं एंकरों के सदविचार और दुर्विचार ही देखने को मिलते हैं । परिवार और मित्र कोई यहाँ […]