यह अनायास उभरने वाली यादों में से एक है। जिसकी सारी ज़िंदगी जब संगत दूध वालों कि रही हो, जीवन का बड़ा भाग आनन्द में गुज़ारा हो, दूध अमूल का पिया हो, डॉ कुरियन के साथ काम करने का सौभाग्य मिला हो, तो एक शब्द ज़हन में अवश्य आता है। वह शब्द है, “मंथन”। मंथन […]
