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वृक्षमंदिर हिंदी मे व्यंग

गुरु जी कहिन

    चेला – गुरू जी बहुतै चिंता हुइ रई है, तबियत भी ठीक नाईं चल रई, कमाई का कोई साधन नही, बैंक में रखे कुछ पैसों के व्याज से घर चल रिया है।सोच सोच कर दम घुटता है। चिंता खाए जा रई है। गुरू- बेटा, चिंता को भुलवाने की कोचिस तो कर के देखो […]

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व्यंग Culture, Tradition, Human Development and Religion

कलजुग में लोग बड़े बेदर्द , बेमुरव्वत और बेहूदा हो जाते हैं या कलजुग उनसे करवाता है

मेरे मित्र श्री मनीष भारतीय ने लगभग ग्यारह साल पहले 3 नवंबर 2011 को अपनी फ़ेसबुक वाल पर यह मेसेज पोस्ट किया था। बारह साल बीत गये 2023 आते आते अन्ना, केजरी और भूषण अलग थलग हो गये।लोक पाल जी का बिल न जाने कौन से बिलों में घुसता निकलता निकलता 2013 मे पार्लियामेंट मे […]

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व्यंग समसामयिक

पढ़ा लिखा और अनपढ़

“अनपढ़” बहुत घमंडी है। “पढ़े लिखे” को केवल एक ही बात का घमंड है । वह है “अनपढ़” से ज़्यादा बुद्धिमान होने का। “पढ़ा लिखा अनपढ़” और “अनपढ़ पढ़ा लिखा” कनफुजिआस्टिक स्टेट में विचरण कर रहा है मस्त है !

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वृक्षमंदिर हिंदी मे व्यंग Culture, Tradition, Human Development and Religion

गाय, गोबर और “गोल्ड”

रश्मि कांत नागर गाय, गोबर और “गोल्ड” एक जून को शैलेंद्र ने एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में एक वैज्ञानिक डॉ सत्य प्रकाश वर्मा गाय/ भैंस के गोबर से प्राप्त उन दो उत्पादों के बारे में (२४-२८ मई के दौरान राजकोट हुए किसी मेले में) जानकारी दे रहे है, जिसमे एक किलो गोबर से […]

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वृक्षमंदिर हिंदी मे व्यंग

राजनीति और राजनीतिज्ञ

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वृक्षमंदिर हिंदी मे व्यंग Reminiscences

दाना या भूसा ?

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वृक्षमंदिर हिंदी मे व्यंग Satire

रजाई धारी सिंह “दिनभर”

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वृक्षमंदिर हिंदी मे व्यंग Uncategorized

अपूर्व सुंदरी

एगो कहानी सुनाते हैं, बात तब की है जब हम ओरिजनल काशी वासी थे। एक इंटरव्यू देने गये थे दिल्ली CSIR में, Senior Research Fellow का । ससुरा बोर्डे में मार कर दिए, वो इसलिए कि एगो वैज्ञानिक महोदय जो इंटरव्यू ले रहे थे उन्होंने ये कह दिया की लेड को प्लंबम नहीं कहते हैं […]

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वृक्षमंदिर हिंदी मे व्यंग

अजब ग़ज़ब दुनिया आफिस और आफिस के बाबुओं की

आपने लाख दक्षिण के मंदिर और उत्तर की देव प्रतिमाएं देख डाली हो; हज़ार महलों, मकबरों, मीनारों और अजायबघरों के चक्कर काटे हों, या मुंबई की चौपाटी; दिल्ली के चाँदनी चौक या आगरे के ताजमहल को देखा हो; लेकिन अगर आपने एक बार भी दफ्तर की दुनिया की सैर नहीं की तो समझिये कि आपका […]