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वृक्षमंदिर हिंदी मे Reminiscences Satire

क ख ग घ

क से कबूतर, क से कमल, क से किताब बात उस जमाने की है जब मुझे केवल बोलना आता था । पढ़ना लिखना नहीं। ज़ाहिर है उम्र तब बहुत कम थी । अब यह सब बताने की क्या ज़रूरत ? जीवन के संध्याकाल में जब अक्सर यादें भी याद आ कर भूलने लगती हों तब […]

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वृक्षमंदिर हिंदी मे Reminiscences

संगीत ऐसा भी है, जो मिट्टी गाए

अक्तूबर२०२२ के बाद डाक्टर मुकुंद नवरे से मई २०२३ मे पुनः संपर्क स्थापित हुआ। उनके जन्मदिन पर फ़ोन पर बातचीत भी हुई। मेरी उम्र के लोगों की बातों मे सलाम दुआ, एक दूसरे के स्वास्थ्य आदि की बातों के बाद ज़्यादा समय बीते दिनों की बातें करने में बीतता है। जो बीत गया उसे बयान […]

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वृक्षमंदिर हिंदी मे Culture, Tradition, Human Development and Religion Uncategorized

आस्तिक नास्तिक; अंत के बाद का अंतहीन विवाद

अंत के बाद के अंतहीन विवाद समस्याओं से सामना होने पर मेरे गाँव “चतुर बंदुआरी” के छोटकू काका यदि आज हमारे बीच होते तो शायद कहते “ अरे बाबू बहुतै बादरेसन है बायुमंडल मे” ! भगवद्गीता भगवद्गीता के अनुसार आत्मा कभी नहीं मरती और इसे काटा, सुखाया, जलाया या गीला नहीं किया जासकता । गरुण […]

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वृक्षमंदिर हिंदी मे Poetry Uncategorized

ईशोपनिषद

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वृक्षमंदिर हिंदी मे

मेरा अमरोहा का दोस्त और उसकी फ़नकारी

मैंने एक अमरोहवी दोस्त को लिखा, पेशे ख़िदमत है जौन एलिया के दो शेर, मै भी बहुत अजीब हूँ, इतना अजीब हूँ कि बसखुद को तबाह कर लिया और मलाल भी नहीं”चारा साजों की चारा साजी से दर्द बदनाम तो नही होगाहाँ दवा दो पर बतला दो मुझे आराम तो नहीं होगा चारा साज ~ […]

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वृक्षमंदिर हिंदी मे Culture, Tradition, Human Development and Religion Reminiscences Uncategorized

चिंता, आशा, ममता और मैं

A couple of days ago, my dear friend and former colleague, Dr SC Malhotra, sent me a whatsapp message forwarding a video clip. He has done many audio stories for Vrikshamandir which can be accessed here. Dr Malhotra is a prolific commentator on blogs that are posted on Vrikshamandir. His text message forwarding the video […]

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वृक्षमंदिर हिंदी मे व्यंग

राजनीति और राजनीतिज्ञ

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वृक्षमंदिर हिंदी मे

कौन है सुनता यहाँ

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वृक्षमंदिर हिंदी मे Uncategorized

दिव्य कृपा

यह कहानी जिसे मैं अपनी मां से बचपन मे सुना करता था आज भी याद है! मैंने ये कहानी उनसे पहली बार उस समय सुनी थी, जब मैं कोई पाँच साल का था। उसके बाद ये सिलसिला कोई चार-पाँच वर्ष और चला होगा। पर इस कहानी के बारे में विशेषता ये है, की मैंने ये कहानी हर बार गहरी […]

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वृक्षमंदिर हिंदी मे

हमारी जीजी

मेरी माँ को हमने बचपन से इसी नाम से जाना। १९११ में जन्म और २००८ में देवलोक के बीच की भूलोक की उनकी यात्रा ने संघर्ष ही अधिक देखे। ईश्वर में असीमित आस्था और अपने गुरु- जिन्हें उसने ८-९ वर्ष की उम्र के बाद कभी नहीं देखा, की कृपा में अटूट विश्वास ने उन्हें आध्यात्मिकता […]

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वृक्षमंदिर हिंदी मे Reminiscences

कहानी – मेरी, आपकी 🤝हमारी

शायद पहली लाइन पढ़ते ही आप को ऐसा लगे जैसे इस क़िस्से के नायक आप स्वयं हैं ! बचपन में स्कूल के दिनों में क्लास के दौरान शिक्षक द्वारा पेन माँगते ही हम बच्चों के बीच राकेट गति से गिरते पड़ते सबसे पहले उनकी टेबल तक पहुँच कर पेन देने की अघोषित प्रतियोगिता होती थी। […]

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वृक्षमंदिर हिंदी मे व्यंग Reminiscences

दाना या भूसा ?